काम भावना पर विजय प्राप्त करना क्यों जरुरी है और इसे आसान कैसे बनाया जा सकता है ?

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काम वासना की भावना पर काबू पाना

काम वासना की भावना पर काबू पाना आज के समय में एक जरुरत बन चुकी है. internet पर मिलने वाली आजादी से कोई भी porn sites videos and stories पढ़ और देख कर खुद को इसका आदी बना लेता है शुरू शुरू में ये चस्के जैसा है जो बाद में लत बन जाता है और इसके चक्कर में हम सबकुछ बर्बाद कर लेते है फिर चाहे वो सेहत हो / रिश्ते हो / खुद का विकास हो सब-कुछ रुक जाता है. इसका नशा युवा पीढ़ी को ही नहीं बच्चो से लेकर बड़े बुजुर्गो तक लगा हुआ है. kaam bhavna ko control karne or brahmchary ka palan karne ke asan upay in hindi. मन को नियंत्रित कैसे करे और इसे पवित्र बनाए रखने के उपाय जिनसे इन्द्रियों को वश में कर हम काम पर विजय प्राप्त कर सके. विचारो पर नियंत्रण और मन को शांत करने के उपाय आइये जानते है आज की पोस्ट में.

काम वासना की भावना पर काबू पाना

आज का टॉपिक थोड़ा हट के और सोचने वाला है क्यों की युवा पीढ़ी ( मै भी ) की सबसे बड़ी समस्या है काम वासना की भावना पर काबू पाना, हम कॉलेज और स्कूल की लाइफ में कभी न कभी इस प्रॉब्लम से रूबरू होते ही है. संगत अच्छी हो तो मन को पवित्र बनाए रखती है लेकिन गलत हो तो पतन का कारण भी बन जाती है. आज हम जानने वाले है sex stories padane se kya hota hai.. Isse hamare dimag par kya asar padta h जो की हमारे ब्लॉग के एक reader requested post section का एक हिस्सा है.

आप भी हमें अपनी प्रॉब्लम या पसंद का टॉपिक बताकर ब्लॉग के माध्यम से solution पा सकते है. काम वासना की भावना पर काबू पाना आज हम जहाँ भी नजर डालते है आये रोज newspaper and social media फिर चाहे वो online plateform हो या फिर tv or radio हमें rape से जुड़ी न्यूज़ पढने को मिल ही जाती है. आखिर ऐसी क्या वजह है की यौन शोषण एक

मानसिक विकृति का दूसरा पहलु

बन चूका है ?  महीनो मात्र छोटी छोटी बच्चियों का यौन शोषण क्या ये साबित नहीं करता की आज इन्सान की मानसिक स्थिति विकृत हो चुकी है. काम वासना की भावना पर काबू पाना इसलिए बेहद जरुरी बन चूका है क्यों की लोगो ने इसे समझने में गलती की है. आप भावनाओ को दबा नहीं सकते है इससे वो विकृत होने लगती है. जब ये हद से ज्यादा विकृत हो जाती है तब इन्सान अपनी वासना की पूर्ति के लिए प्राकृतिक तरीको की बजाय अप्राकृतिक / गलत तरीको को अपनाता है जो उसके अहम् की पुष्टि करते हो. अगर आप इससे मुक्त होना चाहते है तो ये जान लीजिये की

काम वासना की भावना को काबू नहीं किया जा सकता है बल्कि इसे दूसरी भावना में कन्वर्ट किया जा सकता है.

इसकी वजह है की भावना एक energy के रूप में हमारे शरीर में रहती है और जब तक इसे प्रयोग न कर लिया जाए ये ख़त्म नहीं होती है.वास्तविक अर्थ और महत्व काम भावना / काम वासना दोनों में सिर्फ समझने का फर्क है. काम भावना आपके अन्दर बनी उर्जा का एक रूप है जबकि काम वासना किसी के प्रति शारीरिक आसक्ति. काली चक्र यानि मूलाधार में हमारी काम भावना / क्रोध की प्रचंड उर्जा उत्पन होती है.

जब इस चक्र का संतुलन बिगड़ जाता है तब हमारे अन्दर हिंसक प्रवृति / विवेक के नष्ट हो जाने की समस्या उत्पन होती है. ऐसा नहीं है की मूलाधार चक्र सिर्फ काम भाव को ही पैदा करता है या फिर इसका प्रभाव सिर्फ हिंसक है, इसकी उर्जा का संतुलन आपको उर्जावान भी बनाए रख सकता है. मूलाधार चक्र की उर्जा को हम दबा नही सकते है तो फिर इसका प्रयोग कैसे करे ?

आपके मन में उठने वाला अगला प्रश्न है तो आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे है. वास्तव में मूलाधार चक्र की उर्जा हमें संतुलन की स्थिति में बनाए रखती है. इसकी उर्जा को दिशा देकर हम बाकि सभी चक्र को आसानी से जाग्रत कर सकते है. कैसे आइये जानते है एक उदाहरण के जरिये

सात अलग अलग बर्तन है और सभी में एक अवरोध है जो पानी के बहाव को रोकने के काम आता है. सबसे पहले बर्तन में पानी डालना शुरू करे तो जब तक वो भरता है सब सही है लेकिन अगर हम उसमे ही उस पानी को भरते रहे आगे के बर्तन का अवरोध न हटाए तो क्या होगा ? पानी बाहर निकलेगा या फिर बर्तन में दबाव बनाएगा, इसके बजाय पहले बर्तन में पानी भरते ही दुसरे बर्तन का अवरोध हटा दे तो पानी आगे बढ़ने लगेगा और सभी बर्तन में समान जल भरेगा.

यही स्थिति चक्र की है मूलाधार चक्र में हम प्रचंड उर्जा का निर्माण कर तो सकते है लेकिन अगर उसे दुसरे चक्र में चैनल न किया जाए तो विकृति के प्रभाव आने लगते है.sex stories and porn देखने पर आपके ऊपर क्या असर होता है ?क्या होता है जब हम लगातार पोर्न देखते रहते है ? इसके हम पर पड़ने वाले अलग अलग side effect क्या है और उनसे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है ये जानना आपके लिए बेहद जरुरी है क्यों की आजकल व्यक्ति जो अन्दर से कुंठित होने लगते है.

खाली वक़्त में दोस्तों के साथ घुमने फिरने / एन्जॉय करने की बजाय पोर्न वेबसाइट देखते रहते है फिर चाहे वो उनका बेडरूम हो या ऑफिस. हम इसके आदी बनते चले जाते है ये जाने बगैर की इसके हम पर क्या दुष्प्रभाव पड़ सकते है. आइये जानते है अलग अलग बुरे परिणाम के बारे में.

  • शरीर का कमजोर होने लगना जिसमे चेहरे की रौनक खो जाना शामिल है.
  • हर वक़्त शरीर में एक कम्पन और किसी को भी देखते ही मन में विचार उठाना जिसकी वजह से आप पब्लिक प्लेस में शर्मिंदा भी हो सकते है.
  • हर वक़्त सुस्ती और किसी काम में मन ना लग पाना.

काम वासना की भावना के दुष्प्रभाव काम वासना की भावना पर काबू पाना बेहद आवश्यक है लेकिन इससे भी ज्यादा जरुरी है इसके दुष्प्रभाव के बारे में जानना. अलग अलग स्तर पर इसे समझने की कोशिश की जाए तो 3 स्तर पर हम इसके side effect को समझ सकते है. # शारीरिक काम वासना को दबाने की कोशिश करना बेकार है क्यों की जब तक इसे सही दिशा नहीं मिलेगी इससे छुटकारा असंभव है. इसके शारीरिक दुष्प्रभाव निम्न है.

# मानसिक काम वासना की भावना पर काबू पाना आपके लिए अति आवश्यक तब बन जाता है जब आप इसके मानसिक दुष्प्रभाव के शिकार बन जाते है. आइये जानते है कुछ मानसिक दुष्प्रभाव के बारे में जो देखे जा सकते है.

# आध्यात्मिक ऐसे लोग जो काम भावना पर नियंत्रण नहीं बना पाते है कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते है. इसकी सबसे बड़ी वजह है आपके शुक्र का पतन जो आपके तेज के लिए जिम्मेदार होता है. बड़े बड़े महात्मा ब्रह्मचार्य पर जोर देते है जिसकी वजह है इसके द्वारा आपके अन्दर तेज और उर्जा का बनना. इसलिए अगर आप गलत भावनाओ के शिकार होकर शुक्र यानि वीर्य को संतुलित नहीं रख पाते है तो आप कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे. काम वासना की भावना पर काबू पाना अलग अलग स्तर पर

काम वासना पर हम कई तरीको से विजय पा सकते है. दरअसल काम वासना की भावना पर काबू पाना उसे दबा देना नहीं है बल्कि उसे एक दिशा देना है. हम विचारो में बदलाव कर / आदतों को बदल कर इसे किसी भी तरफ मोड़ सकते है. काम वासना एक उर्जा है जो हम पर इस कदर हावी हो जाती है की कुछ भो सोचने समझने की क्षमता नहीं रह जाती है इसलिए आपको अलग अलग स्तर पर इसे कण्ट्रोल करने के लिए कदम उठाने चाहिए जैसे की –

शारीरिक स्तर पर काम वासना की भावना पर काबू पाना इसके लिए आप अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करे जैसे की अकेले रहने को कम से कम कर दे क्यों की अगर आप कामुक प्रवृति के है तो अकेले में आप इसे कण्ट्रोल नहीं कर सकते, लोगो के बिच रहे और जितना हो सके अच्छे लोगो से मिलने की कोशिश करे. खानपान में भी बदलाव करे जैसे की हरी सब्जी का ज्यादा उपयोग बजाय तली, प्याज और लहसुन वाली क्यों की इनमे उत्तेजना बढाने वाले गुण होते है. हालाँकि इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए सही है लेकिन कुछ समय के लिए आप इन्हें बंद कर दे.

सुबह सुबह उठने के बाद प्राणायाम-योगा-व्यायाम अपने दिनचर्या में शामिल करे. प्राणायाम से हमारा सांसो पर कण्ट्रोल होता है जो विचारो को नियंत्रित करती है. योग हमारे आन्तरिक हिस्सों को स्वास्थ्य बनाए रखता है वही व्यायाम करने से हम बाहरी रूप से फिट रहते है जो की हमारे अन्दर सकारात्मकता लाता है.मानसिक स्तर पर काम वासना की भावना पर काबू पाना कई सारे ऐसे ऐसे उपाय है जो हमें मानसिक स्तर पर मजबूत बनाते है जैसे की

spiritual music / solfeggio music सुनना.

अगर आपको इसकी आदत नहीं है और सर में दर्द महसूस होने लगता है तो इससे बचे और त्राटक / ध्यान जैसे माध्यम अपनाए जो आपके दिमाग और विचारो में नियंत्रण और बदलाव लाने में अहम् भूमिका निभा सकते है. आध्यात्मिक स्तर पर इसे कैसे संभव बनाए सिंपल है सप्ताह में कुछ दिन मंदिर जाए. हर धर्म के लोग सप्ताह में एक बार अपने धार्मिक स्थल में एकत्रित होते है जिससे उनका आपस में मजबूत सम्बन्ध बनता है साथ ही इश्वर के प्रति आस्था बढती है. इसके अलावा पूजा पाठ करे / भजन सुने ( youtube पर काफी सारे है ) इन्हें सुनना आपके लिए अच्छा रहता है.

लाइफ का एक किस्सा और सबकअगर किसी को कुछ सिखाना है तो दुसरो का नहीं खुद का उदाहरण दो, यही वजह है की मै अपनी लाइफ के हर उस किस्से को शेयर करता हूँ  जो मुझे सही लगता है. मै बचपन से ही घर से अलग रहा हूँ और दोस्तों की संगत में मुझे भी इसका चस्का लगा था क्यों की शनिवार की रात को हॉस्टल में illegal तरीके से इसकी सप्लाई होती थी. ये उस समय की बात है जब में त्राटक कर रहा था और सम्मोहन सीख रहा था.

उस वक़्त मेरा कॉन्फिडेंस बेहद बढ़ गया था और न सिर्फ व्यक्तित्व बल्कि पढाई लिखाई में भी मै अव्वल था. एक लड़की मुझे पसंद थी और मै उसे कण्ट्रोल करना चाहता था. ( इसके बारे में शक्ति चक्र की पोस्ट में जिक्र किया जा चूका है ) कुछ दिन की मेहनत के बाद वो लड़की मुझसे खुद बोलने लगी और दोस्त बन गई थी लेकिन जल्दी ही वो मेरे प्रभाव से छूट गई, उसके बाद guilty feel होने की वजह से में इसे दोबारा प्रयोग नहीं कर पाया.

आज भी जब हम अपने आसपास दिनभर किसी खुबसूरत लड़की को देखते है उसके कपडे देखते है तो काम भाव जागना स्वभाविक है क्यों की हम इसे लेकर अलग सोच बना चुके होते है. इससे बचने के लिए कुछ तरीके है जो मै अपनाता हूँ. अगर आपको भी अपनी काम वासना की भावना पर काबू पाना है तो इन तरीको को जरुर अपनाए.तरीके जो में खुद अपनाता हूँ

काम वासना की भावना पर काबू पाना – आप क्या सोचते है ? दोस्तों रीडर को हमेशा उसके मतलब की जानकारी मिलती रहे इसके लिए हमने post on your demand का मन बनाया है. काम भावना को कैसे काबू करे आज की पोस्ट हमारे रीडर की ही डिमांड थी क्यों की आज internet पर हजारो की मात्रा में porn videos and sex stories ki website है जो हमें इसका आदी बनाकर अनैतिक राह पर ले जा रही है. इससे बचे और सबको इसके नुकसान समझाए. आप खुद को कैसे कण्ट्रोल कर रखते है हमें बताना न भूले. आपके विचार पसंद आने पर उसे इस पोस्ट में जोड़ लिया जायेगा.

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