जब भी कभी खुद को लाइफ में फंसा हुआ बेबस और लाचार महसूस करे इन बातो पर जरुर गौर करे

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जिंदगी में जब भी घुटन का महसूस होना शुरू हो जाए तो हमें क्या करना चाहिए ? हमारे सामने कई बार ऐसे हालात, परिस्थिति या फिर समस्या खड़ी हो जाती है की हमें जिंदगी में घुटन सी महसूस होने लगती है, तनाव एकांत और जब सब साथ छोड़ देते है तब कई बार हमारे मन ये ख्याल जरुर आता है की अब करे तो क्या करे ? कई बार अवसाद इतना बढ़ जाता है की मन में आत्महत्या के ख्याल बनने शुरू हो जाते है, इन सबसे बाहर कैसे निकला जाए ? क्या करे जब जीवन में घुटन महसूस होने लगे और हमें एक ब्रेक की जरुरत महसूस होने लगे.

घुटन का महसूस होना

जब हम बिना ब्रेक दिए, जरुरत से ज्यादा सोचते हुए किसी काम को करने लग जाते है तब ऐसे हालात बन जाते है की वो काम हमें बोझ लगने लगता है. ऐसे कामो में अक्सर गलतिया निकलती है जिन्हें हम बिना किसी प्लान के करते है और कई बार तो ये इतनी ज्यादा मात्रा में होने लगती है की हमें ऐसे लगने लगता है की हम कहाँ फंस गए.

घुटन का महसूस होना और एक फ़ोर्स द्वारा पीछे हट जाना

जब हम कोई ऐसा काम करते है जो बेहद शर्मनाक / संस्कार के विपरीत / नहीं करने वाला होता है तब हमें इस तरह की घुटन महसूस होती है. हम कोई भी काम करे हमें बार बार यही ख्याल आने लगता है की

हमने बेहद गलत किया है और इसका प्रायश्चित करना चाहिए

हम खुद को बिजी रखने की कोशिश करते है लेकिन फिर भी ये ख्याल बार बार हमारे दिमाग पर हावी होने लगता है और अंत में हमें जिंदगी से घुटन सी महसूस होने लगती है. किसी काम में मन नहीं लगता, शांत नहीं रह पाते है या फिर रह रह कर अनाप-शनाप विचार मन में आने लगते है. कई बार तो ये हम पर इस कदर हावी हो जाता है की हम गलत कदम भी उठा लेते है.

अगर आपके लाख चाहने के बावजूद आप खुद को जिंदगी में ढाल नहीं पा रहे है तो आप समझ जाए की आपको एक ब्रेक की जरुरत है ताकि आप खुद को नए तरीके से / काम के अनुसार प्लान कर सको.

जिंदगी से घुटन महसूस होने की मुख्य वजह

मनोवैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार जब हम तनाव से गुजरते है तब हमें बार बार एक ख्याल घेरने लगता है जिसकी वजह से चाह कर भी हम खुद को पॉजिटिव नहीं रख पाते है लेकिन सवाल ये उठता है की आखिर हम तनाव या अवसाद जैसी स्थिति महसूस ही क्यों करते है ? ऐसी कोई तो वजह रहती है जिसकी वजह से हम अवसाद का शिकार होते है क्यों की जिंदगी से घुटन महसूस होने और खुद को जकड़ा हुआ feel करने के बाद कोई भी व्यक्ति तनाव का शिकार हो सकता है. अगर आपके साथ इसी तरह की स्थिति बनती है तो आपको इन जिंदगी से घुटन की मुख्य वजह पर गौर करना चाहिए.

1.) Life में active रहने की बजाय सुस्त (inactive) होते जाना

बचपन से हम सीखते आये है की अमुक व्यक्ति की तरह बनो, वो हमारे समाज का आइडियल है इसलिए उसे फॉलो करो. अगर आप इन्हें फॉलो नहीं करेंगे तो आप आगे नहीं बढ़ पाओगे और आप खुद को पहचानने की बजाय वो बनने की कोशिश करने लगते है जो आप है ही नहीं. दुसरे शब्दों में कहा जाए तो

“आप खुद को दुसरो को मौका देते है की वो आपको जज करे और आपको ये बताए की आपको क्या बनना है बजाय इसके की आप वास्तव में क्या है”

हमें लाइफ में सक्रिय रूप से समाज का हिस्सा बनने को मोटीवेट तो किया जाता है लेकिन उम्मीद की जाती है की हम दुसरो की तरह खुद को आगे बढाए बजाय अपनी प्रतिभा को पहचान आगे बढ़ने के. ये सब आपको जल्दी ही घुटन का महसूस होना शुरू कर देता है. हम जो कर सकते है उसकी बजाय हमें वो करने के लिए कहा जाता है जो सभी करते है और ये सब हमें भीड़ का हिस्सा बना देता है. जल्दी ही हम अपनी काबिलियत खो देते है. ज्यादातर लोग अपनी जॉब से बोर हो जाते है वजह साफ है वो उसे पसंद नहीं करते है बल्कि पैसो के लिए करते है.

2.) आप सिर्फ जिंदगी को दिन में काट रहे है

बदलाव / परिवर्तन जीवन का सबसे बड़ा सच है. हर चीज बदलती रहती है सिवाय मौत के. हमारे आसपास जो आज हम देख रहे है वो ना तो कल था और न ही आने वाले कल को होगा. हर चीज बदलती रहती है जिसकी वजह से हम हमेशा कुछ नया सीखते रहते है और यही सीखते रहना हमें आने वाले कल के लिए तैयार करता है.

कुछ लोग जो जिंदगी में कुछ भी नया नहीं करते है और जिन्दगी को बस निभा रहे है. लाइफ हमें तब बोरिंग लगने लगती है जब हम कुछ नया करना छोड़ देते है. अगर आप आज भी वही कर रहे है जो आप कल कर रहे थे तो आपको आज भी वही मिलेगा जो कल मिला था. जीवन अनुभव सीखते रहने का नाम है इसलिए हमें हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहना चाहिए ताकि दिमाग कभी तनाव का शिकार न हो. अगर आप ये नहीं करते तो जल्दी तनाव और घुटन का महसूस होना शुरू हो जाता है.

इसकी एक वजह ये भी हम की हम कुछ न कुछ नया सिखने के लिए ही बने है. हमारा मन कभी एक जगह नहीं टिकता है. आप एक खिलौने से सालो नहीं खेल सकते, पूरी उम्र एक ही जॉब को ख़ुशी के साथ एन्जॉय नहीं कर सकते ( जब तक आप इसमें creativity शामिल नहीं कर लेते ) हमारे सामने अगर 10 चीजे पड़ी है तो हमारा मन उन सभी चीजो के पीछे ही भागेगा.

3.) आप बस दुसरो के साथ खुद को फिट करना और नार्मल दिखाना चाहते है

लाइफ में घुटन का महसूस होना तब शुरू हो जाता है जब हम खुद को दुसरो के साथ compare करना शुरू कर देते है. “क्या मै उसके जैसा handsome दिख रहा हूँ” “क्या में भी उसके जैसी स्मार्ट बन सकती हूँ ?” “काश ! में उसके जितना अमीर होता” ये सब बाते हमें मजबूर करने लगती है की हम खुद को भूल कर वो बने जो हम है ही नहीं. और जो हम नहीं है वो बनने की कोशिश करना शुरू कर दे तो जल्दी ही हम तनाव / अवसाद का शिकार हो जाते है. अगर एक जैसा ही बनना है तो फिर आपकी अपनी पहचान क्या रह जायेगी ?

4.) खुद को जिम्मेदारी के बोझ तले दबा लेना और घुटन का महसूस होना

responsbility make us mature लेकिन क्या होगा अगर आप क्षमता से ज्यादा responsibility लेना शुरू कर दे ? जब हम खुद को किसी वजह के लिए जिम्मेदार मानना शुरू कर देते है और उसमे फ़ैल हो जाते है तो अवसाद / तनाव या चिडचिडेपन का शिकार होने लगते है. लेकिन क्या वास्तव में वो जिम्मेदारी आपकी ही थी ? क्या वास्तव में आप उन जिम्मेदारी को लेने वाले इन्सान थे ?

अक्सर ऐसा तब होता है जब हम खुद को दुसरो से जुड़ा हुआ महसूस करते है और दुसरो से उम्मीद करने लगते है. जब कोई काम हमारी उम्मीद के aspect पर खरा नहीं उतरता है तो हम इसका जिम्मेदार खुद को मानना शुरू कर देते है. ऐसा करना आपको उस तनाव का शिकार बना देता है जो आपका था ही नहीं और यही से आपको जिंदगी में घुटन का महसूस होना शुरू हो जाता है.

5.) लाइफ में कोई उदेश्य न होना और ईगो बढ़ते जाना

अगर आप खुद को दुसरो से अलग थलग करना शुरू कर देते है तो भी आप खुद को depression का शिकार बना सकते है. हम पुरे दिन बाहरी दुनिया में इतना घूमते रहते है की खुद से जुड़ने के लिए वक़्त ही नहीं निकाल पाते है. ऐसा करना बेशक आपको दुसरे लोगो से जोड़ देगा लेकिन आप खुद के साथ एक better connection establish करने में fail हो जाओगे. इसे हम खुद से दूर होना भी कह सकते है. इसके अलावा आपका ईगो जो आपमें हम की बजाय मै की भावना लाता है.

जब हम दुसरो से कनेक्ट होने के साथ मै वाली भावना लाते है तो लोग आपको अवॉयड करना शुरू कर देते है. इसके बजाय सबके साथ मिल जुल कर रहने और आगे बढ़ते रहने वाली भावना आपको सबके करीब लाती है. जब हम दिल की बात दिमाग की बजाय ज्यादा सुनना शुरू कर दे तो समझ जाइये की आप खुद के साथ जुड़े है और सशक्त बन रहे है.

लाइफ में घुटन का महसूस होना कैसे रोके ?

ये कुछ और नहीं है बजाय हमारे अपने बनाए एक चक्रव्यूह के, हम खुद को जब भी किसी प्रॉब्लम में फंसा हुआ महसूस करते है तो ये प्रूफ देखने की कोशिश करते है की क्या वास्तव में हम प्रॉब्लम में फंसे हुए है ? लेकिन ऐसा करना आपको इसका आदी बना देता है और आप बार बार इसमें फंसते चले जाते है. खुद को बार बार ये अहसास दिलाना की हम वास्तव में परेशान है / तनाव का शिकार है हमें और ज्यादा परेशान करता है और जिंदगी में घुटन का महसूस होना शुरू हो जाता है.

अगर आप खुद इससे परेशान हो चुके है और बाहर निकलना चाहते है तो इन तरीको को अपनाए जिससे की आप खुद को तनाव से बाहर निकाल सके.

1.) खुद के लिए कुछ जिम्मेदारी बनाओ

हम जाने अनजाने में दुसरो से खुद को जोड़ कर उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझने लगते है. इससे बचे क्यों की हर किसी की अपनी सोच है इसलिए दुसरो से उम्मीद न लगाए की वो आपके कहे अनुसार करे, इसके बजाय आप खुद के लिए कुछ जिम्मेदारिया ले. थोडा समय खुद के लिए निकाले और ऐसे कार्य करे जिनसे आप खुद को आगे बढ़ा सके.

2.) हर रोज कुछ नया सोचे / करे

लाइफ में घुटन का महसूस होना तब शुरू होती है जब हम एक ही ढर्रे पर चलते रहते है. हर रोज एक ही काम करते हुए जिंदगी काटना आपको जल्दी ही थका देता है इसके बजाय हर रोज कुछ नया करे ताकि आपको हमेशा कुछ सिखने को मिले, लाइफ में रोमांच बना रहे और आप हमेशा खुद को तरोताजा महसूस करते रहे.

3.) उन कामो की सूचि बनाए जो आपको लिमिटेड बना रहे है

आप उन कामो / गतिविधि की सूचि बना सकते है जो आपको लिमिटेड बना रही है. उदहारण के लिए किसी और के खातिर खुद को ignore करना, दुसरो के लिए काम करते हुए खुद का ख्याल न रखना ऐसे कई काम जिनसे आपके आसपास के लोग आपका फायदा उठाते है और आप तनाव से भर जाते है.

हम उन गतिविधि की सूचि भी बना सकते है जो हमें दुसरो द्वारा जज किये जाने का मौका देती है. हर वो गतिविधि या कम जिनसे दुसरे आपका सिर्फ फायदा उठा रहे हो, जज कर रहे हो आपको अवॉयड कर देनी चाहिए. जब आप ये सब कर देते है तब आपको जिंदगी में घुटन का महसूस होना बंद होने लगती है.

4.) सामाजिक बंधन से न बंधे

अगर आप सोशल मीडिया से काफी हद तक प्रभावित हो रहे है तो इसका मतलब है आप कुछ गलत कर रहे है. दुसरे क्या करते है और आपके बारे में क्या कहते है अगर आपको इससे फर्क पड़ता है तो आप आसानी से अपनी लाइफ में घुटन का महसूस होना शुरू कर देते है. इससे बचे और वो करे जो आपको खुश रखता है. वो करे जिससे आपको फर्क पड़ता है लोगो को न पड़े इससे आपको कोई मतलब नहीं होना चाहिए. खुद के लिए कुछ करे और सोशल मीडिया को कुछ हद तक इस्तेमाल करे.

5.) खुद के लिए कुछ सीमाए बनाए

अगर लाइफ में घुटन का महसूस होना नहीं चाहते है तो ऐसी कुछ सीमाए आप खुद के लिए भी बनाए जो समय समय पर आपको कुछ भी ऐसा करने से रोके जो आपके लिए गलत है. उदाहरण के लिए आपके संस्कार जो आपको चोरी करने से रोकते है. इसी तरह जब भी आपके साथ कुछ गलत हो तो आप उसे अवॉयड कर सको इस स्तर की हिम्मत अपने अन्दर बनाए. जब आप ऐसा करते है तब आपके और दुसरो के बिच एक दीवार पैदा हो जाती है जो उन्हें आपको जज करने और प्रभावित करने से रोकती है. ऐसा इसलिए बेहद जरुरी है क्यों की कुछ लोग आपकी energy को ख़त्म कर आपको झुका सकते है.

6.) ज्यादा सोचने की बजाय उन पर फोकस करे जो आप है

कई बार हम कुछ कदम इस लिए नहीं उठा पाते है क्यों की अनचाहे विचारो के चलते हमारे मस्तिष्क में कुछ ऐसे ख्याल आना शुरू हो जाते है जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं होता है. उदाहरण के लिए आप किसी लड़की से बात करने में झिझकते है ये सोच कर की वो क्या सोचेगी या फिर वो कुछ गलत न समझे और बोल दे. ऐसी बातो से खुद को बाहर निकाले और पहल करे जो आप करना चाहते है.

7.) जब घुटन का महसूस होना हो अपने अंतर्मन से जुड़े

अपने inner soul से जुड़ने की वजह से हमें ऐसी कई बातो का पता चलता है जो हमारे लिए आवश्यक होती है. जब आप खुद से जुड़ते है तो सबसे पहले आपको शांति का अहसास होता है, जो बेवजह ख्याल आप सोच रहे है उसका कोई अस्तित्व ही नहीं है ये सच आपको अन्दर से स्ट्रोंग बनाता है. खुद को वक़्त देने से हम energetic महसूस करने लगते है और creative ideas सोच पाते है.

घुटन का महसूस होना और लाइफ में बदलाव – अंतिम शब्द

हम सभी कई बार काम से, अनचाहे विचारो से, बढती जिम्मेदारियों के बारे में सोच कर या अनचाहे विचारो में उलझ कर खुद को तनाव में धकेल देते है. जिंदगी को अनुभव के साथ जीने से हम बेहतर तरीके से काम कर पाते है. अगर ऐसा नहीं होता है और हम हर रोज वही करते है जो करते आये है तो हमें कभी ख़ुशी नहीं मिलेगी. हमेशा कुछ नया करने की ललक मन में रखे और खुश रहे.

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3 COMMENTS

  1. Kumar sir sex stories padane se kya hota hai.. Isse hamare dimag par kya asar padta he. Please ho sake to is topic par aapke vichar batana.

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