काले जादू के अनजाने पहलू और कैसे ये आपको और आपके अपनों के लिए खतरनाक है – सीक्रेट

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काला जादू यानि black magic दुनिया के हर हिस्से में किये जाने वाली क्रियाओ में से एक है. पुराने समय से ही इसका प्रयोग दुसरो को हानि पहुँचाने में किया जाता आ रहा है. black magic side effect and how it harm peoples की इस पोस्ट में हम जान ने वाले है की कैसे काला जादू न सिर्फ करने वाले बल्कि करवाने वाले को नुकसान पहुंचता है. आइये जानते है ये लोगो के लिए dangerous कैसे है ?

black magic

काला जादू यानि Black magic हमेशा से एक कोतुहल का विषय रहा है जिसकी वजह रही है इसके मार्ग पर चलने वाले लोगो का जीवन। Black magic  नकारात्मक ऊर्जा को ट्रांसफर करने का माध्यम है। जिसकी वजह से हम किसी में भी अपनी नकारात्मक ऊर्जा भेज कर उसकी खुद की जीवनी ऊर्जा को नष्ट करते है। लेकिन क्या आप ये जानते है की इतनी बड़ी मात्रा में नकारात्मक ऊर्जा को कोई कैसे अपने अंदर कण्ट्रोल रख सकता है। और उसे दूसरे में प्रवाहित कर सकता है। आज हम निम्न बातो को समझने की कोशिश करते है।

  • काला जादू क्या है और यह सफ़ेद जादू से कैसे अलग है।
  • काले जादू का सिद्धान्त, दुसरो पर इसका प्रभाव,
  • क्या ये वाकई होता है।
  • इसके असर को कैसे ख़त्म करे,
  • खुद की ऊर्जा कैसे सरंक्षित रखे,
  • काले जादू का कर्ता पर भी प्रभाव पड़ता है,
  • और अंत में इसके रहस्य।

Black Magic effect क्या है-WHAT IS MAGIC

जादू शब्द अपने आप में कई तत्वो,चीजो का मिश्रण है जिसे समझना बेहद जरुरी है। काला जादू / जादू आम भाषा में पूजा, इशारो, हाव-भाव और शब्दो के मेल से बनता है। इन सबका मिश्रण एकाग्रता से ऊर्जा को एक माध्यम से दूसरे माध्यम में स्थानांतरित किया जाता है। ये लौकिक ( कर्ता की खुद की ऊर्जा ) और पारलौकिक ( दूसरे आयाम जैसे प्रेत लोक या किसी दूसरे की ऊपरी ऊर्जा ) दोनों ही हो सकती है। जादू की प्रक्रिया में जिन चीजो का महत्व है उनमे से कुछ हाथो की मुद्रा, स्थिति, और निर्देशो का समूह होता है।

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Black magic & White magic

काले जादू और सफेद जादू में सबसे बड़ा फर्क यही है की काले जादू की ऊर्जा पारलौकिक योनि के भटकते आत्माओ की ऊर्जा है वही दुसरो और सफ़ेद जादू आध्यात्मिक ध्यान, और आध्यात्मिक ऊर्जा का रूप है। काले जादू का प्रयोग अपने आप को महत्वपूर्ण दिखाने के लिए, नियत्रण के लिए, या फिर शक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है. हमारा संसार दोनों ही प्रकृति में बंधा हुआ है। क्यों की हर चीज के पीछे उसका विपरीत रूप का अस्तित्व है।

काले जादू की ये परिभाषाए हमें किताबो और इन्टरनेट पर बताई गई है लेकिन असल में सच्चाई से परे इसका और भी गहरा मतलब है जिसे समझना बेहद जरुरी है। इसके पीछे छिपे विज्ञानं के अनुसार ये बहुआयाम की मायाजाल होता है जो हमारे सुनने, देखने, और समझने की क्षमता को अपने असर में ले लेती है। हमारे धर्मगुरु सदियो से हमें इसका ज्ञान देते आये है की कैसे दिखाई ना देने वाली ऊर्जा से बचाव किया जाये।

जादू को हमारे आध्यात्मिक रूप में समझ सकते है जो एक जिम्मेदारी होती है। मानव सभ्यता के कल्याण मात्र के लिए सदियो से ऐसे महापुरुष होते आये जो इन शक्तियों को जिम्मेदारी से धारण किये हुए है। शायद इसलिए कुछ लोग इन्हें फरिश्ता कहते है कितने आश्चर्य की बात है एक जैसी समझ वाले इंसान के आध्यात्मिक पथ अलग अलग होते है।

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Black magic का सिद्धान्त :

काला जादू मुख्य रूप से नकारात्मक ऊर्जा का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में स्थानांतरण है जो की मानसिक एकाग्रता और बुरे विचारो पर काम करता है। काले जादू के लिए कर्ता को खुद ऊर्जा को धारण करना होता है। इसलिए काला जादू जितना दुसरो के लिए हानिकारक है उतना ही खुद कर्ता के लिए। काला जादू तभी काम कर सकता है जब कर्ता पूरी तरह से नकारात्मक प्रवृति को अपना लेता है। इसके लिए वो हर उस काम का त्याग करता है जो हमें सात्विक बनाता है।
ये असर कैसे करता है।

काले जादू की नकारात्मक ऊर्जा मानसिक ऊर्जा में बदल कर माध्यम के ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बनाती है. असल में जब 2 ऊर्जा का आपस में टकराव होता है तो जो ज्यादा एकाग्रता से अपना दबाव बनाती है वही दूसरे पर हावी होती है। जब काले जादू की नकारात्मक ऊर्जा माध्यम पर अपना असर डालने लगती है तो शुरुआत में माध्यम अपने आसपास उस ऊर्जा को महसूस करने लगता हैं क्यों की मानसिक ऊर्जा हमारे आज्ञाचक्र को अपने कंट्रोल में लेने की कोशिश करती है।

ऐसे में हम खुद की ऊर्जा में गिरावट महसूस कर सकते है। अगर काला जादू निम्न स्तर का होता है तो घर के मंदिर में रखा हुआ कलावा, नाळ हाथो में बांध लिया जाए तो ऊर्जा का नियत्रण होने लगता है। जैसे जैसे नकारात्मक ऊर्जा हम पर हावी होने लगती है वैसे वैसे हम खुद को अकेला महसूस करने लगते है उस नकारात्मक ऊर्जा की मात्रा जितनी ज्यादा होती है ऊर्जा साकार होने के चांस उतने ही बढ़ जाते है। जिसका मतलब है हमें प्रत्यक्ष रूप से ऊर्जा शरीर या आकृति दिखने लगती है।

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मानव सभ्यता और Black magic का गलत इस्तेमाल

मानव सभ्यता में ऐसे कई लालची लोग या फिर उच्च स्तर के धार्मिक गुरु है जो इस कला का गलत इस्तेमाल करते है आप पहले भी आयाम के बारे जान चुके है की मानव मस्तिष्क और आध्यात्मिक शरीर पांचवे आयाम में मिलते है। भौतिक शरीर तीसरे आयाम में एंकर होती है। मुक्त इच्छा से हम तीसरे आयाम में हमारी इच्छाओ के स्पंदन को उत्पन कर सकते है जो हमें पसंद है। ऐसे लोग भीड़ से अलग अपनी पहचान बनाते है। लालची लोगो ने धर्मगुरु की इस धरोरहार को अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया जिसका उदेश्य धन दौलत, और शक्ति हासिल करना था। उनका मकसद दुसरो को अपने नियंत्रण में लेना था और आज को देखते हुए लगता है वो इसमें कामयाब भी हुए है।

इन सबका परिणाम ये हुआ की इन सबसे हमारा चौथा आयाम प्रभावित हुआ है जो सूक्ष्म शरीर का आयाम है। इनमे विचरण करने वाली भटकती आत्माये भी आजाद होकर चौथे आयाम से हमारी धरती पर विचरण करने लगी इनकी कमजोरी इंसानी मॉस और खून था. ऐसे में कोई भी निम्न स्तर का तांत्रिक इन्हें आसानी से अपने नियत्रण में लेकर अपना स्वार्थ सिद्ध कर सकता है क्यों की ये सभी नकारात्मक ऊर्जा होती है।

Black magic के असर को वापस कैसे बदले

गीता में कहा गया है की आत्मा अजर अमर होती है अगर कोई इस ज्ञान को समझ ले तो वो मरने के डर से मुक्त हो जाता है। अपने अनुभव से वो इस ज्ञान को गहराई से अनुभव करता है। इससे हमारे अस्तित्व के सवाल उठने लगते है। जब हमें हमारे अस्तित्व का ज्ञान हो जाता है तो तीसरे आयाम की नकारात्मक ऊर्जा से भय नहीं रहता है। ये हमें अध्यात्म के करीब लाता है। जब हमें ये पता चल जाता है कैसे दूसरे आयाम की ऊर्जा हमारे आयाम में फंस जाती है। और ये हमारे ऊर्जा स्पंदन ( आध्यात्मिक प्राण ऊर्जा ) बढाती है। जो काले जादू के प्रभाव को पलट देती है।

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अपने लिए सत्य को पहचाने :

ऐसे कई उदहारण है जो ऐसे पारलौकिक और आध्यात्मिक कामो का वर्णन करते है जो हम एक वक़्त में इस दुनिया में करते रहते है। हमारी धरती पर एक छोटा सा समूह इन उर्जाओ को कंट्रोल में करके दुनिया में अराजकता फ़ैलाने लगता है ( MISS USE OF POWER ) . इस तरह के लोग प्रकृति के नियमो से खिलवाड़ करने से भी हिचकिचाते नहीं है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की लोग उन्हें क्या क्या कहते है वो साधु, संत, ज्योतिष, या फिर अघोरी किसी भी नाम का इस्तेमाल कर सकते है। अगर आपको इनके असर को बेअसर करना है तो पहले इनकी सच्चाई जाने फिर अपने आत्मबल को क्यों की प्राण ऊर्जा और आत्मबल बड़े से बड़े जादू को बेअसर कर सकता है।

ऊर्जा का सरंक्षण कितना जरुरी है :

अगर हमारी सेहत में गिरावट महसूस की जाती है। इसका मतलब हमारी ऊर्जा का स्तर कम हुआ है। अगर हमें बाह्य प्रभाव को दूर करना है, अगर हमें स्वस्थ जीवन बिताना है तो हमारे प्राण का स्तर सही रहना जरुरी है। जिसके लिए नियमित ध्यान और आत्मज्ञान सबसे अच्छा माध्यम है। एक और जहा ध्यान हमें हमारे प्राण ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है वही आत्मज्ञान हमें हमारे अस्तित्व का बोध करवाता है। अस्तित्व के ज्ञान से हम खुद खुद को समझते है। सूक्ष्म जगत के रहस्यो को सुलभ बनाता है।

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क्या Black magic वाकई होता है :

काला जादू मुख्य रूप से कर्ता की मानसिक शक्ति से जुड़ा हुआ है इसलिए Black-magic से कर्ता जितना ज्यादा जुड़ा होता है उसका असर उतना ही मजबूत होता है। अगर आपको किसी की सच्चाई जाननी है तो उससे बात करे, उसके पास जाए. अगर आप उनसे बात करते है तो उनकी ऊर्जा आपके औरा क्षेत्र को घेरने लगती है. कुछ देर बात करने के बाद अगर आप खुद को अपने नियंत्रण से बाहर महसूस करे, सामने वाले की बातो को नजरअंदाज नहीं कर पाए तो समझ ले की वो आपसे ज्यादा आध्यात्मिक और भौतिक स्तर पर शक्तिशाली है। जब आप ऐसे लोगो के पास जाये तो उनके पास खड़े होने पर आप वातावरण में अनजानी ऊर्जा महसूस होने लगती है। क्यों की इनका औरा क्षेत्र सामान्य क्षेत्र से कही ज्यादा होता है। इसलिए ज्यादा समय इनके साथ बिताने की वजह से आपका आज्ञाचक्र आपकी समझ ख़त्म होने लगती है।

काला जादू खतरनाक क्यों होता है :

यह दूसरे सभी जादू से खतरनाक इसलिए है क्यों की ये माध्यम को जितना प्रभावित करता है उससे कही ज्यादा कर्ता को नुकसान पहुंचाता है, ये सात्विक ऊर्जा से बिलकुल विपरीत होता है इसलिए जितना बड़ा काला जादू का स्तर उतना ही ज्यादा खतनाक। अघोरी इसके सबसे बड़े उदहारण है वो किसी को कुछ नहीं समझते किसी में कोई फर्क नहीं कुछ भी खा सकते है। एक तरह से उनका समझने का स्तर बिलकुल हो जाता है। लेकिन फिर भी वो काले जादू का गलत इस्तेमाल नहीं करते है। ( कुछ जाति छोड़कर जिन्होंने इसे पैसा बना लिया है )

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सारांश :

दोस्तों आप सभी जानते है की जितने हम आध्यात्म के नजदीक रहते है उतना ही खुद की समस्या को सुलझाने लगते है। आत्मज्ञान हमें ब्रह्मांड के सत्य से अवगत करवाता है। इसलिए दूसरी नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए सकारात्मक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाना जरुरी है। नियमित ध्यान हमें सकारात्मक रखता है। और किसी चीज का सही ज्ञान हमें उसे समझने के काबिल बनाता है।


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4 COMMENTS

    • किया जा सकता है सर लेकिन जब आपको ये सब पावर्स मिल जाती है तब आप इन सबको परेशानी के नजरिये से नहीं देखोगे. हम सब सपने देखते है की अगर में शक्तिमान बन जाऊ तो देश से बुराई को दूर कर दूंगा. लेकिन जब power मिलती है तब हमारा नजरिया ही बदल जाता है. ये सब अनुभव से पाया हुआ है जो हकीकत है.

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