क्या कभी आपने कम समय में अंतर तक पहुँचने के लिए Dark Room Meditation practice की है ? आज ही करे

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क्या कभी आपने dark room meditation in Hindi के बारे में सुना है ? प्राचीन काल से ही अंतर की गहराई में उतरने के लिए ये एक कारगर विधि रही है. ये आज भी बहुत ज्यादा चलन में है क्यों ? क्यों की इसमें हम get better in less time का लाभ लेते है. अगर आप ध्यान का basic यानि how to meditate के बारे में नहीं जानते है या फिर सिमित knowledge की वजह से practice में problem आ रही है तो आज ही आत्मज्ञान के लिए सहज ध्यान की इस विधि को सिर्फ 15 days के लिए जरुर आजमा कर देखे.

ये एक ऐसा अभ्यास है जो कम समय में आपको subconscious mind की गहराइयो में ला सकता है. इसके अलावा third eye activation and intuition power को activate करने के कारगर तरीको में से एक है. आज ध्यान की एक से बढ़कर विधि अस्तित्व में है लेकिन इस तरह की विधि पुराने समय से ऋषि मुनि करते आ रहे है और आज भी कर रहे है.

dark room meditation

ध्यान में जल्दी ही गहराई में उतरना चाहते है तो आत्मज्ञान ध्यान की विधि को एक बार जरूर आजमाए.आत्मज्ञान ध्यान की ये विधि कम समय में अच्छे परिणाम देने वाली होती है. क्यों की आत्मज्ञान ध्यान की ये विधि हमारे अंतर की यात्रा को सरल बनाती है और चेतन्यता को बढ़ाती है. आत्मज्ञान के लिए जैसे ऋषि मुनि प्राचीन समय में ध्यान लगाते थे वैसे ही ये विधि है.

इस विधि से आपकी आत्मिक चेतना का विकास होता है और कम समय में चेतना का विकास करने वाली एकमात्र विधि जिसे आपको जरूर करना चाहिए.

what is dark room meditation in Hindi

क्या आपने कभी अँधेरे कमरे में ध्यान करने के बारे में सुना है. ध्यान की हजारो सालो पुरानी है जब संत मुनि अँधेरी गुफाओं में ध्यान और तपस्या करते थे. माना जाता है की अँधेरे कमरे में गहरे spiritual experience की success के chance ज्यादा होते है. self-consciousness के लिए Dark room meditation practice को ज्यादा बेहतर माना गया है.

क्यों की आँखों के देखने की क्षमता तक हमारे मन में विचार चलते रहेंगे लेकिन अगर देखने के लिए कुछ ना हो तो जल्दी ही मन concentration को प्राप्त कर लेता है. पुराने समय में भी आत्मज्ञान के लिए गहरे अँधेरे वाली जगह का चुनाव किया जाता था. इसके विश्वभर से कई उदहारण मिलते है जैसे की

  • यूरोप में भूमिगत सुरंगे.
  • मिश्र में पिरामिड.
  • रोम में catacombs.
  • इजराइल में मृत सागर के पास गुफाए.

Dark room Meditation & Connecting with Universe

ये सभी जगह आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए सबसे बढ़िया जगह के रूप में बनाई और इस्तेमाल की गई है. Taoists and master Mantak Chia के अनुसार अँधेरे कमरे में (जगह) ध्यान करने से हमारे मस्तिष्क के अंदर Di-methamphetamine का उत्सर्जन होता है जो हमारी चेतना को जाग्रत कर उसे ब्रह्मांड से जोड़ता है.

जल्दी ही कम समय में आत्मज्ञान की अवस्था में ले जाता है. अगर देखा जाये तो light और darkness हमारे brain में अलग अलग vibration waves की तरह काम करते है जैसे ही darkness होता है consciousness became sleep.

अँधेरा मस्तिष्क में melatonin particle को execute करता है जिससे हमें नींद आती है. इसकी वजह से dreams while sleeping देखे जाते है. one of the best dark room meditation practice सिर्फ 15 दिन की है जिसमे हम following experience कर सकते है. आइए देखे ध्यान की ये विधि और इससे जुड़े अनुभव.

proper way to perform Dark room Meditation

ध्यान की इस विधि में आपको एक अँधेरे कमरे का चुनाव करना है. जिसमे आप ध्यान कर सके. ध्यान की विधि सामान्य है जैसा की सुखासन में ध्यान लगाते है. बस ध्यान इस बात का रखे की आपका सारा focus on third eye पर हो. इसके अलावा जिस कमरे में ध्यान लगा रहे है उसमे कोई और ना जाये न ही उसमे कोई सामान हो.

इस अभ्यास को करने का सबसे सही समय काल रात्रि के 10 बजे बाद का है. यही समय सबसे बेस्ट है क्यों की इस वक़्त तक सांसारिक क्रियाकलाप रुक जाते है और पारलौकिक क्रिया ( both spiritual & satanic powers ) होना शुरू हो जाती है.

ध्यान से पहले थोड़ा टहल ले ताकि आप खुद को आलस से भरा महसूस न करे और अभ्यास में सही से समय दे पाए. इसके अलावा आप ढीले कपड़ो का खास ध्यान रखे.

ध्यान करने से पहले की जाने वाली तैयारी

जब बात आती है अँधेरे कमरे की तो मन में एक डर आ जाना स्वभाविक है. अँधेरे में होने वाले अनजाने अनुभव से आप पहले सोच कर ही डर सकते है. इससे निपटने के लिए आपको सबसे पहले पता होना चाहिए की क्या आपको अँधेरे में डर लगता है ? अगर हाँ तो किस तरह का.

अँधेरे में महसूस होने वाले अनजाने डर कई तरह के हो सकते है जैसे की, dark shadow people या फिर किसी तरह की अनजानी शक्ति द्वारा हमारे ऊपर हमला कर देना. गाँव में आज भी छोटे बच्चे अँधेरे से डरते है क्यों की उन्हें लगता है की अँधेरे में भूत उन्हें पकड़ लेगा.

अगर आपके मन में ऐसा कोई डर है तो पहले इसका solution जरुर कर ले. कुछ लोगो को अकेले रहने से डर लगता है. इसके समाधान के लिए आपको कुछ समय अकेले और अँधेरे कमरे में बैठने का अभ्यास करना चाहिए.

अगर आप अँधेरे से डरते है तो उसकी वजह आपके मन में बचपन से ही डाला गया डर हो सकता है. dark room को लेकर negative thought मन में रखने की बजाय इसके बारे में positive thinking बनाए. जब आप ऐसा करेंगे तो आपको अँधेरे में डर नहीं लगेगा. जब आप ऐसा कर ले तो एक deeply concentration state में अभ्यास का अनुभव जरुर ले.

dark room meditation practice करने के लिए आपको गहन एकाग्रता का अभ्यास होना चाहिए. ऐसा इसलिए क्यों की मन में आने वाले विचार कुछ समय बाद गायब तो हो जाते है लेकिन अंतर में उतरने के अभ्यास की कमी की वजह से आप बार बार विचारो में उलझ सकते है. गहन एकाग्रता का मतलब है अपने होने के अहसास से भी अनजान हो जाना.

medium level preparation

जब ऊपर की तैयारी हो जाए तो आपको अभ्यास को आगे बढ़ाना चाहिए. इसके लिए एक नियत समय को चुने जैसे की रात्रि के 10 बजे के बाद का समय. अगर आप 11 बजे अभ्यास कर रहे है तो आपका अभ्यास हर रोज 11 बजे ही होना चाहिए. शुरुआत करने के लिए आप एक सहज ध्यान की मुद्रा में बैठ सकते है. सामने अँधेरे में देखते रहे जब तक आँखे थक ना जाए.

जब आँखे बंद होने लग जाए तो गहरी साँस ले और आँखे बंद कर बैठ जाइये. जब आप ऐसा करते है तो खुद में बहुत ही ज्यादा आराम महसूस करने लगते है. आप चाहे तो समय का चुनाव कर सकते है. इसके लिए एक अलार्म लगा ले और हर रोज के लिए एक समय काल फिक्स कर ले.

ज्यादा से ज्यादा 20 to 30 minute इस अभ्यास को दे. अनुभव आगे बढ़ने के बाद आप चाहे तो अभ्यास को 45 minute तक ले जा सकते है. जितना ज्यादा समय आप सुखद अवस्था में बिताते है उतना ही आपको इस अवस्था में अँधेरे में बैठने में आनंद आने लगता है.

Dark room meditation and experience in Hindi

इस अलौकिक ध्यान की विधि के अनुभव वैसे तो 2 से 3 दिन में होने लगते है लेकिन 15 दिन के अभ्यास में अलग अलग अनुभव होते रहते है. दिन के अनुसार ये अनुभव इस तरह हो सकते है.

दिन 1-3

अँधेरे कमरे में 3 दिन के अभ्यास के बाद आप देखते है की सपने में जो चेतना आप महसूस करते है वही चेतना आप इसमें अनुभव करते है. कहने का मतलब है की जब शुरू में आप अँधेरे कमरे में ध्यान करते है तो अँधेरे की परत आँखों के सामने रहती है.

कुछ दिन बाद यह अँधेरे की परत रौशनी में बदल जाती है. इसके कारण आप अँधेरे कमरे में चेतना का अनुभव करते है जैसा आप सपने में करते है.

आप 3 दिन के अभ्यास से lucid dream को ज्यादा से ज्यादा experience कर सकते है उसे अपने अनुसार निर्मित कर सकते है. subconscious mind working principle को ज्यादा से ज्यादा समझने लगते है.

3 से 5 दिन में होने वाले अनुभव

शुरू के 3 दिन सिर्फ आपके melatonin level को बढ़ाया जाता है जिससे की आपका pineal gland सुपर कंडक्टर pino-lene को जाग्रत करने लगता है. वैसे ये pino-lene lucid dream की state में अपने आप activate होने लगता है.

ये अवस्था कहलाती है बाह्य रूप से जाग्रत होना जिसमे हम अपने मस्तिष्क की कल्पना को साकार रूप दे सकते है.

Clair sentience यानि किसी अनुभव को साक्षात् महसूस करना और सुनने की क्षमता जैसी शक्ति भी इसी अवस्था में जाग्रत होने लगती है. इस अवस्था में कॉस्मिक universal पार्टिकल चेतना, आवाज और प्रकाश इसके अलावा ज्ञान और अनुभव के रूप में बदलने लगता है.

इस अवस्था में आप एक कंडक्टर बन जाते है जो ब्रह्मांड से ऊर्जा को प्राप्त करने लगता है.

दिन 6-8 में हो सकते है और बेहतर अनुभव

इस अवस्था में आपका पीनियल ग्लैंड न्यूरो हार्मोन 5-MeO-DMT(5-methoxy-dimethyltryptamine). 5-MeO-DMT switches on 40% तक उत्सर्जित करना शुरू कर देता है. जिससे आपकी चेतना और अवचेतन मन की शक्तियां बढ़ जाती है.

आपका शरीर पहले से ज्यादा जाग्रत और सूक्ष्म ( समझ ) होने लगता है.

इस अवस्था में आपका पीनियल ग्लैंड अँधेरे रूम से एक चमकीला प्रकाश छोड़ने लगता है. इस प्रकाश की अवस्था नए और जाग्रत मानसिकता लिए हुए होती है.

दिन 9-12 ( DMT यानि Darkroom meditation technique )

जब DMT का लेवल 25 MG से ज्यादा हो जाता है. तब आप दृश्य को ज्यादा स्पस्ट देख सकने लगते है. ये आपके शरीर के ऊर्जा रूप यानि सूक्ष्म शरीर को यात्रा करने में मदद करता है. इसी की वजह से आप तीसरे नेत्र की शक्ति को जाग्रत कर सकते है. जो हमें तीनो लोक में झाँकने की क्षमता प्रदान करती है.

12 वे दिन के आसपास आप infra-red और ultraviolet rays महसूस कर सकते है. इसके अलावा किसी भी इंसान को उसकी किरणों के पैटर्न यानि औरा से पहचान और छू सकते है.

इन दिनों की अलग अलग अवस्थाएं हमारे DNA में बदलाव लाने लगती है और सबसे ज्यादा असर हमारे पीनियल ग्लैंड पर होता है. इन अवस्थाओं से गुजर कर आप देखने के लिए सिर्फ आँखों पर निर्भर नहीं रहते है आपके अंतर्मन की आँखे और आपकी तीसरे नेत्र की शक्ति जाग्रत होने के बाद आप क्या नहीं कर सकते है.

Benefit of Dark room Meditation

  • आत्म-ज्ञान ध्यान की इस विधि से  शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक विकास होता है और एक ही विधि से हम तीनो अवस्थाओ में सम्पूर्ण बन सकते है.
  • ध्यान की सर्वोच्च और पुरातन विधि में से एक विधि जिसके spiritual level experience है.
  • इस विधि में हमारी चेतना ज्यादा से ज्यादा सूक्ष्म होती है.
  • हम अंतर की यात्रा में सक्षम होते है और अपने अवचेतन मन से जल्दी ही जुड़ने लगते है.
  • खुद के आत्म-विश्लेषण के लिए आत्म ज्ञान ध्यान की विधि सबसे अच्छी है.
  • हमारे अंदर प्राण ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा सरंक्षण होता है और हम आकर्षण के धनि बनते है.
Dark room meditation practice at home – final thought

ध्यान की वैसे तो लगभग सभी विधि अपने आप में spiritual meditation practice है पर आत्मज्ञान ध्यान की विधि इनमे खास है क्यों की ये विधि पुरातन विधि ( ऋषि मुनि द्वारा की जाने वाली most popular practice ) है. आप भी चाहे तो सिर्फ 15 दिन के अभ्यास में खुद के अन्दर काफी सारे अच्छे बदलाव ला सकते है.

इसके जरिये अपनी intuition power और दूसरी चीजो के बारे में समझने की क्षमता को बढ़ा सकते है. ये एक ऐसी विधि है जो आपको अंतर्मन से जुड़ने में सहायक है और अवचेतन मन को समझने में मदद कर सकती है.

ध्यान दे आज की पोस्ट इंग्लिश लैंग्वेज में पोस्ट की गयी Dark room meditation का हिंदी रूपांतरण है जिसे वैज्ञानिक भाषा में समझने का प्रयास किया गया है.

Source: Web, article

10 COMMENTS

  1. कृपया हमेँ बतायेँ कि
    क्या इस दौरान आँख खुली रखना है?

  2. आत्मज्ञान साधना को कम से कम कितने मिनट तक करना ठीक रहेगा?

  3. Dhayan k samay jo aadmi dead h unk darshan kyun hote h, jinko dead hue 20 year se jyada ho gay eg. Relatives and non relatives bhi, neck m dard rahta h , kabhi 2 body m jabardast kampan bhi hota h aisa kis liy? Pls tell me

    • ध्यान में अगर आपको मृत आत्माओ का दर्शन होता है तो ऐसा आपके आकर्षण की वजह से हो सकता है. कई बार ऐसा होता है की हम ध्यान में बैठते है और हमारी उर्जा जो भाव के अनुसार बनती है आसपास की energy को attract करने लगती है. आप किसी रेकी एक्सपर्ट से मिलकर एक बार अपने औरा की जाँच करवा लीजिये.

    • ऐसा नहीं है. मैडिटेशन के लिए आप ऐसी जगह का चुनाव करे जहाँ कोई आता जाता ना हो आपके अलावा. ये आपको हेल्प करेगी साधना में / ध्यान में या फिर खुद को जानने में. रूम में सामान का कोई प्रॉब्लम नहीं है अगर आपके पास कोई विकल्प नहीं है तो ऐसे ही ध्यान लगाए.

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